
दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने बुधवार को कहा कि दिल्ली के खिलाड़ियों ने कई बार देश का नाम रोशन किया है। उनसे बच्चों को भी प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए धन की कमी नहीं होने देगी। मुख्यमंत्री छत्रसाल स्टेडियम में 57वें राष्ट्रंीय स्कूल खेल प्रतियोगिता का उद्घाटन कर रही थीं। इस अवसर पर शिक्षामंत्री अरविन्दर सिंह, स्थानीय विधायक कंवर करण सिंह, प्रधान सचिव (शिक्षा) राकेश मोहन, शिक्षा निदेशक दिवानचन्द, अतिरिक्त शिक्षा निदेशक (खेल) सतपाल और अन्य गण्यमान्य लोग उपस्थित थे।
दीक्षित ने कहा कि खेलों में खेल भावना और जीतने की ललक को जीवित रखने से ही श्रेष्ठता हासिल की जा सकती है। खेल भावना से बेहतर समाज का निर्माण होता है। इतना ही नहीं खेलों से न केवल जीवन में अनुशासन बकल्क आत्मबल भी बढ़ता है। ये सभी चीजें सारे जीवन काम आती है और जो सामाजिक दृकष्टकोण में अनुकूल परिवर्तन ला सकती है। खिलाड़ी जो अपने अभ्यास में लगे रहते हैं उन्हें प्रतिकूल दृकष्टकोण से बचने का मौका मिलता है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि दिल्ली के उदीयमान खिलाड़ियों के पोषक आहार और प्रशिक्षण पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। दिल्ली में हरेक विद्यार्थी के लिए किसी ने किसी खेल में भाग लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार स्कूली बच्चों को खेल के क्षेत्र में बेहतर प्रशिक्षण दिलवाने का लक्ष्य रखती है।
शिक्षा मंत्री अरविन्दर सिंह न इस मौके पर कहा कि मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में दिल्ली ने शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है। उन्होंने कहा कि दिल्ली ने शिक्षा के साथ-साथ खेलों में भी अग्रणी भूमिका निभायी है। शिक्षा की गुणवत्ता पर जोर दिया गया है और दिल्ली के सरकारी स्कूल अब पकब्लक स्कूलों से बेहतर माने जाते हैं। उन्होंने कहा कि खेलों के प्रोत्साहन में कोई कमी नहीं आने दी जायेगी।
उन्होंने कहा कि 57वें राष्ट्रीय स्कूल खेल प्रतियोगिता में विभिन्न राज्यों से 7000 से अधिक खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। 3 जनवरी, 2012 तक चलने वाली इस प्रतियोगिताओं में कुश्ती, खो-खो, बेसबॉल, बास्केटबॉल, नेटबॉल आदि है। इसमें सी.के. नायडू क्रिकेट प्रतियोगिता भी शामिल है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन खेलों के माध्यम से उदीयमान खिलाड़ियों को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की तैयारी करने का बेहतर अवसर मिलेगा।



