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बाइक हवा से चल रही है

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बाइक में ईंधन के रूप में इस्तेमाल होने वाले पेट्रोल पर अब ज्यादा निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। अमरोहा के छोटे से गांव में रहने वाले किसान के बेटे ने हवा से चलने वाली बाइक तैयार की है। बीटेक के इस छात्र ने सहारनपुर निवासी अपने सहपाठी की मदद से डेढ़ महीने में यह बाइक बनाई है तथा उसे वह दौड़ा भी रहा है। यह बाइक फिलहाल 20 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ रही है। इसे अब पेटेंट के लिए भेजा गया है।

अमरोहा से सटे गांव नन्हेड़ा में रहने वाले किसान सत्यपाल सिंह का बेटा अनुज कुमार वर्तमान में पंजाब के जिला फतेहगढ़ साहिब के कस्बा मंडी गोविंदगढ़ स्थित रीजनल इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी में बीटेक फाइनल ईयर का स्टूडेंट है। दो महीने पहले उसने सहारनपुर निवासी अपने सहपाठी मोहन सिंह के साथ हवा से चलने वाली बाइक बनाने की प्लानिंग की। दोनों दोस्त इस असंभव योजना को परवान चढ़ाने में जुट गए। डेढ़ महीने की मेहनत के बाद दोनों अपने मकसद में कामयाब भी हो गए।

उन्होंने सिर्फ हवा से चलने वाली बाइक बनाकर तैयार कर दी। तीन दिन पहले हवा से चलने वाली बाइक लेकर गांव आए। अनुज से सोमवार को दैनिक जागरण ने बात की। अपने इस प्रोजेक्ट के बारे में अनुज ने बताया कि उन्होंने पुरानी बाइक के इंजन से फ्यूल टैंक, फ्यूल पंप, कार्बोरेटर व साइलेंसर हटा दिया। उनके स्थान पर बाइक के पीछे दो सौ पौंड क्षमता वाला एयर टैंक लगा कर एयर पाइप सीधे बाइक के इंजन में कार्बोरेटर के स्थान पर लगा दिया। अब जिस तरह से कार्बोरेटर पेट्रोल को पिस्टन तक भेज कर उसे संचालित करता था, उसी तर्ज पर एयर प्रेशर से पिस्टन को संचालित किया गया।

अनुज ने बताया कि हालांकि शुरू में दिक्कत आई लेकिन बाद में पिस्टन के दो वाल्व बदले तो एयर प्रेशर से पिस्टन चलने लगा यानी अब बाइक का इंजन बगैर पेट्रोल के सिर्फ हवा के प्रेशर से स्टार्ट हो गया। इस युवा इंजीनियर ने बताया कि फिलहाल उसने बाइक से सारे इलेक्ट्रानिक्स इंस्ट्रूमेंट हटा दिए हैं। टैंक में हवा भरने के लिए उन्होंने बाइक के अगले पहिए से कंप्रेशर लगा दिया है।

शुरू में एयर टैंक में किसी अन्य स्थान से हवा भरनी पड़ी थी लेकिन उसके बाद जितनी भी बाइक चलती है उससे ही टैंक फुल हो जाता है। बताया कि एयर टैंक से इंजन को पाइप से इस प्रकार जोड़ा गया है एक बार टैंक का वाल्व खोलने पर हवा का प्रेशर पिस्टन पर इतनी तेजी के साथ पड़ता है कि वह खुद ही संचालित होने लगती है। इससे बाइक स्टार्ट हो जाती है। अनुज के मुताबिक पिस्टन को संचालित करने के लिए सिर्फ 60 पौंड हवा के प्रेशर की जरूरत होती है जबकि उसकी बाइक पर 200 पौंड का टैंक लगा है। फिलहाल बाइक की स्पीड 20 किलोमीटर प्रति घंटा ही है यानी किक मारने की भी जरूरत नहीं है। फिलहाल यह बाइक कालेज प्रशासन द्वारा महाराजा अग्रसेन इंजीनियरिंग कालेज पंजाब को पेटेंट की कार्रवाई पूरी करने के लिए भेजी गई है।

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